पलिताना के ५ चैत्यवंदन में निम्नलिखित पाँच मंदिर शामिल हैं:
जय शत्रुंजय सिद्धक्षेत्र, दीठे दुर्गति वारे।भाव धरी ने जे चढे, तेने भव पार उतारे।अनंत सिद्धानो अहे ठाम, सकल तीर्थनो राय।पूर्व नवनू ऋषभदेव, ज्यां ठाव्या प्रभु पाय।सूरजकुंड सोहामनो, कवड्याक्ष अभिराम।नाभिराया कुल मंडनो, जिनवर करूँ प्रणाम।
भारत के गुजरात राज्य में स्थित पालिताना (शत्रुंजय तीर्थ) जैन धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल है। मान्यता है कि यहाँ 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ और प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) सहित अनेक तीर्थंकरों ने दीक्षा, क्षमा और मोक्ष प्राप्त किया। पालिताना की यात्रा तब सार्थक होती है, जब यात्री (श्रावक) प्रतिदिन (5 Chaityavandan) का पाठ करते हुए मंदिरों में वंदना करें। यह लेख संपूर्ण हिंदी भाषा में, शुद्ध मंत्रों एवं भावार्थ सहित प्रस्तुत है। palitana 5 chaityavandan in hindi full
परंपरा के अनुसार, सच्चे मन से ये 5 चैत्यवंदन करने से कर्मों की निर्जरा (नष्ट होना) होती है।
इस पवित्र रायण वृक्ष को देखो, जहाँ स्वयं आदिनाथ भगवान का निवास रहा है। इस वृक्ष के नीचे प्रभु के जो पावन चरण कमल (पादुका) हैं, वे भक्तों के मन की सभी आत्मिक इच्छाओं को पूरा करते हैं। इसी स्थान पर कभी देवराज इंद्र ने प्रभु का समवसरण रचा था। इस वृक्ष की छाया और प्रभु के चरणों का ध्यान करने से जीव का जन्म-मरण का चक्र सदा के लिए मिट जाता है। तो कृपया बताएं:
इन 5 ऊर्जावान स्थानों पर ध्यान लगाने से तनाव दूर होता है।
यह चैत्यवंदन इस पावन पर्वत की शाश्वत महिमा और इसके अलौकिक प्रभाव को दर्शाता है। palitana 5 chaityavandan in hindi full
शत्रुंजय तीर्थ की यात्रा के दौरान निम्नलिखित स्थानों पर किए जाते हैं:
(शांतिनाथ भगवान की भक्ति का स्तवन बोलें)
यदि आप इस चैत्यवंदन साधना के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं: